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जीवनदायिनी जीविका गौसेवा सदन भारत की दुकान-आपकी अपनी दुकान । । स्वदेशी से स्वावलम्बी आत्मनिर्भर भारत बनाना है_।_____तो_____। स्वदेशी खाओ, स्वदेशी बनाओ, देश बचाओ ।

“जीवनदायिनी जीविका गौसेवा सदन "गौमाता" की सेवा करने का वो निवास स्थान जहाँ पर आप को जीवन देने के लिए जीवन देने वाले सभी साधन आप के लिए उपलब्ध है”

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A2 GIR COW GHEE GAU-MAA-1000

A2 GIR COW GHEE GAU-MAA

1199 1699.00
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देशी गाय का घी : धरती का अमृत*
1. पहला गुण : संतुलन
80% रोग वात-पित्त के असंतुलन से होते हैं। देशी गाय का घी इन्हें सन्तुलित कर हमें 80% रोगों से बचाता है। देशी गाय का घी पतले को मोटा व मोटे को पतला करता है यानी शरीर को संतुलित करता है। देशी गाय का घी हॉरमोन्स को संतुलित रखता है। घी खानेवालों को Hormonal Imbalance की समस्या नहीं होती।

2. दूसरा गुण : मानसिक रोगों से मुक्ति
भय : जिनके दिमाग में गर्मी होती है, उन्हें डर अधिक लगता है। घी दिमाग की गर्मी को शांत कर अभय प्रदान करता है। 

क्रोध/चिड़चिड़ापन : दिमाग की गर्मी से गुस्सा अधिक आता है। देशी गाय का घी दिमाग की गर्मी को कम कर शान्ति प्रदान करता है, चिड़चिड़ापन दूर करता है।

ईर्ष्या (जलन) : जलन शब्द ही दिमाग में अधिक गर्मी का प्रतीक है। देशी गाय के घी से जलन शांत होती है।

डिप्रेशन : दिमाग में गर्मी बढ़ने से व्यक्ति तनाव को झेल नहीं पाता और डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। देशी गाय का घी दिमाग को ठंडा रख तनाव को झेलने की क्षमता को बढ़ाकर डिप्रेशन का शिकार होने से बचाता है।

3. तीसरा गुण : तृप्ति
'संतुलित आहार' यह विज्ञान नहीं, अज्ञान है। भोजन के सबसे महत्त्वपूर्ण गुण हैं : भोजन पौष्टिक व तृप्तिदायक होना चाहिए। पौष्टिक भोजन शरीर को और तृप्तिदायक भोजन मन को निरोगी रखता है। वही व्यक्ति भ्रष्ट होता है जो अतृप्त होता है। देशी गाय का घी तृप्ति प्रदान करता है।

4. चौथा गुण : प्रेम
देशी गाय के घी में जो चिकनाई होती है, उसे स्नेह कहा जाता है। देशी गाय का घी खाने से शरीर व मन दोनों का रूखापन खत्म होता है।

5. पाँचवा गुण : दिमाग का टॉनिक
मस्तिष्क का 18-20% भाग चिकनाई से बना है। इसकी कमी से पचासों रोग होते हैं। मस्तिष्क केवल 3.5 माइक्रोन से छोटी चिकनाई को ग्रहण कर पाता है। देशी गाय का बिलौने का घी 3.1 से 3.3 माइक्रोन का होता है, अन्य सभी चिकनाई 4.8 माइक्रोन से अधिक होती हैं। अर्थात् मस्तिष्क के लिए एक ही चिकनाई है। देशी गाय का घी इसलिए भारतीय देशी गाय का घी खाते रहे, भारत विश्वगुरु एक बार फिर अवश्य बनेगा।