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जीवनदायिनी जीविका गौसेवा सदन भारत की दुकान-आपकी अपनी दुकान । । स्वदेशी से स्वावलम्बी आत्मनिर्भर भारत बनाना है_।_____तो_____। स्वदेशी खाओ, स्वदेशी बनाओ, देश बचाओ ।

“जीवनदायिनी जीविका गौसेवा सदन "गौमाता" की सेवा करने का वो निवास स्थान जहाँ पर आप को जीवन देने के लिए जीवन देने वाले सभी साधन आप के लिए उपलब्ध है”

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A2 GIR COW GHEE GAU-MAA-10 LT

A2 GIR COW GHEE GAU-MAA

11000 16000.00
Weight:
Details:

देशी गाय का घी : धरती का अमृत*
1. पहला गुण : संतुलन
80% रोग वात-पित्त के असंतुलन से होते हैं। देशी गाय का घी इन्हें सन्तुलित कर हमें 80% रोगों से बचाता है। देशी गाय का घी पतले को मोटा व मोटे को पतला करता है यानी शरीर को संतुलित करता है। देशी गाय का घी हॉरमोन्स को संतुलित रखता है। घी खानेवालों को Hormonal Imbalance की समस्या नहीं होती।

2. दूसरा गुण : मानसिक रोगों से मुक्ति
भय : जिनके दिमाग में गर्मी होती है, उन्हें डर अधिक लगता है। घी दिमाग की गर्मी को शांत कर अभय प्रदान करता है। 

क्रोध/चिड़चिड़ापन : दिमाग की गर्मी से गुस्सा अधिक आता है। देशी गाय का घी दिमाग की गर्मी को कम कर शान्ति प्रदान करता है, चिड़चिड़ापन दूर करता है।

ईर्ष्या (जलन) : जलन शब्द ही दिमाग में अधिक गर्मी का प्रतीक है। देशी गाय के घी से जलन शांत होती है।

डिप्रेशन : दिमाग में गर्मी बढ़ने से व्यक्ति तनाव को झेल नहीं पाता और डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। देशी गाय का घी दिमाग को ठंडा रख तनाव को झेलने की क्षमता को बढ़ाकर डिप्रेशन का शिकार होने से बचाता है।

3. तीसरा गुण : तृप्ति
'संतुलित आहार' यह विज्ञान नहीं, अज्ञान है। भोजन के सबसे महत्त्वपूर्ण गुण हैं : भोजन पौष्टिक व तृप्तिदायक होना चाहिए। पौष्टिक भोजन शरीर को और तृप्तिदायक भोजन मन को निरोगी रखता है। वही व्यक्ति भ्रष्ट होता है जो अतृप्त होता है। देशी गाय का घी तृप्ति प्रदान करता है।

4. चौथा गुण : प्रेम
देशी गाय के घी में जो चिकनाई होती है, उसे स्नेह कहा जाता है। देशी गाय का घी खाने से शरीर व मन दोनों का रूखापन खत्म होता है।

5. पाँचवा गुण : दिमाग का टॉनिक
मस्तिष्क का 18-20% भाग चिकनाई से बना है। इसकी कमी से पचासों रोग होते हैं। मस्तिष्क केवल 3.5 माइक्रोन से छोटी चिकनाई को ग्रहण कर पाता है। देशी गाय का बिलौने का घी 3.1 से 3.3 माइक्रोन का होता है, अन्य सभी चिकनाई 4.8 माइक्रोन से अधिक होती हैं। अर्थात् मस्तिष्क के लिए एक ही चिकनाई है। देशी गाय का घी इसलिए भारतीय देशी गाय का घी खाते रहे, भारत विश्वगुरु एक बार फिर अवश्य बनेगा।

Desi Cow Ghee: Nectar of the Earth


1. First quality: Balance
80% of diseases are caused by imbalance of vata and pitta. By balancing these, desi cow's ghee protects us from 80% diseases. Desi cow's ghee makes the thin fat and the fat thin, i.e. balances the body. Desi cow's ghee keeps the hormones balanced. People who eat ghee do not have the problem of hormonal imbalance.

2. Second quality: Freedom from mental diseases
Fear: Those who have heat in their mind, feel more afraid. Ghee calms the heat of the mind and provides fearlessness.

Anger/Irritability: Anger comes more from the heat of the mind. Desi cow's ghee reduces the heat of the mind, provides peace and removes irritability.

Jealousy (Jealousy): The word jealousy itself symbolizes excess heat in the mind. Burning sensation is soothed by local cow's ghee.

Depression: Due to increase in heat in the brain, a person is unable to bear the stress and becomes a victim of depression. Desi cow's ghee keeps the mind cool and prevents depression by increasing the ability to withstand stress.

3. Third quality: Satisfaction
'Balanced diet' is not science, it is ignorance. The most important qualities of food are: Food should be nutritious and satisfying. Nutritious food keeps the body and satisfying food healthy. Only that person is corrupt who is unsatisfied. Desi cow's ghee provides satiety.

4. Fourth quality: love
The smoothness present in the ghee of local cow is called affection. Eating ghee of local cow eliminates dryness of both body and mind.

5. Fifth quality: brain tonic
18-20% of the brain is made up of fat. Its deficiency causes fifty diseases. The brain can only perceive lubricants smaller than 3.5 microns. Desi cow ghee is 3.1 to 3.3 microns, all other ghee are more than 4.8 microns. That is, there is only one lubrication for the brain. Ghee from local cow, hence Indians should keep eating ghee from local cow, India will definitely become world leader once again.