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[ शतावरी ]
              शतावरी चूर्ण के 11 गजब फायदे महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए - जानकर हो जाएंगे हैरान.

वर्तमान समय में महिलाएं ढेरों शारीरिक समस्याओं जैसे डायबिटीज, माइग्रेन, मोटापा, यौन इच्छा में कमी आदि से जूझ रही हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, भारत में आधा से ज्यादा शहरी महिलाएं मोटापा जैसी परेशानी से जूझ रही हैं। ऐसे में सीधे अस्पतालों का चक्कर लगाने और लाखों रुपए बर्बाद करने से पहले आप एक बार शतावरी की मदद लेकर देख सकते हैं। 

शतावरी एक औषधीय जड़ी बूटी है जो महिलाओं के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। इसकी मदद से महिलाओं की कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है जैसे वजन घटाना, माइग्रेन का इलाज करना, डायबिटीज को कंट्रोल करना, यौन क्षमता बढ़ाना, आदि। पर कैसे ? शतावरी के फायदे महिलाओं के लिए कैसे है ? इन प्रश्नों का जवाब आज आप इस ब्लॉग के माध्यम से जानेंगे। 

शतावरी क्या है .? 
शतावरी एक प्राचीन औषधीय पौधा है जिसका वैज्ञानिक नाम Asparagus Racemosus है। यह आयुर्वेद चिकित्सा में इस्तेमाल किया जाता है और लगभग 100 बीमारियों के इलाज के लिए कारगर माना जाता है। यह पौधा भारत, नेपाल, श्रीलंका और हिमालय के कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए प्रभावी माना गया है।

इसका खासतौर पर इस्तेमाल महिलाओं के प्रजनन प्रणाली को बेहतर करने के लिए किया जाता है। महिलाओं के जीवन में विभिन्न चरण आते हैं और उन्हें कई शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है जिसकी वजह से उनमें प्रजनन और यौन स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतें होने की संभावना होती है। ऐसे में शतावरी महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। 

शतावरी के फायदे महिलाओं के लिए :
शतावरी महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। यह न सिर्फ उनके यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि अन्य शारीरिक समस्याओं जैसे मोटापा, गर्भावस्था में सुधार, दूध उत्पादन में सुधार आदि में भी फायदेमंद है। चलिए विस्तारपूर्वक इसके फायदों को समझते हैं।

१. प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार करता है.
महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए जाना जाता है और इसलिए महिलाओं को इसके सेवन की सलाह दी जाती है। यह महिलाओं में Ovulation (ओव्यूलेशन) को बढ़ावा देता है, मासिक धर्म के नियमित करता है और गर्भावस्था की संभावनाओं को बढ़ाता है। इसमें गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी गुण मौजूद होते हैं, जो गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। 

साथ ही, यह महिलाओं में PMS यानि Premenstrual Syndrome को कम करने में भी मदद करता है। PMS कई लक्षणों का समूह है जो पीरियड आने के कुछ समय पहले दिखाई देने लगता है जैसे मूड में बार बार बदलाव, शरीर में दर्द और थकान, मुंहासे, नींद का कम आना, भूख कम होना या अचानक बढ़ना आदि। ऐसे में शतावरी इन लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करता है। 

२. यौन स्वास्थ्य को बेहतर करता है :
शारीरिक और भावनात्मक कारकों के कारण महिलाओं में यौन इच्छा जीवन भर उतार-चढ़ाव भरी रहती है। हालांकि कम कामेच्छा और यौन इच्छा की कमी जीवन के लिए खतरा नहीं है, लेकिन निराशा और रिलेशनशिप में कई बार दिक्कतों का कारण बनती है। आयुर्वेद की मानें तो, यह शरीर में वात दोष की अधिकता के कारण होता है। लेकिन इसका भी बड़ा सरल सा समाधान है, शतावरी।

शतावरी एक महिला कामोत्तेजक है जिसका उपयोग महिला कामेच्छा में सुधार के लिए किया जा सकता है। धनवंतरी निघंतु, श्लोक संख्या 323 और 325 में भी यह कहा गया है कि शतावरी प्रकृति में कामोत्तेजक, स्फूर्तिदायक के रूप में कार्य करता है और बुद्धि बढ़ाता है। शतावरी को जननांग क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के लिए जाना जाता है जो यौन उत्तेजना और गुप्तांगों में लुब्रिकेशन को बढ़ाता है। 

३. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है :
महिलाएं अपने पूरे जीवन में ढेरों शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती हैं और कई बार उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। ऐसे में शतावरी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटीवायरल गुण महिलाओं के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं तो वहीं एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं। 

इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या और कार्य को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे महिलाओं को बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। सबसे अच्छी बात यह है कि अगर आप इसका सेवन उचित मात्रा में करती हैं तो यह बिलकुल भी आपके शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। यह महिलाओं में प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है।

४. हार्मोन के संतुलन में मदद करते हैं :
शतावरी के फायदे महिलाओं के लिए कई हैं, उनमें से एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि इसकी मदद से महिलाओं में होने वाले हार्मोन असंतुलन को नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें Phytoestrogens होते हैं जो महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन के साथ काम करते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से menstrual cycle भी नियमित होता है।

साथ ही शतावरी प्रोजेस्ट्रॉन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। प्रोजेस्ट्रॉन भी महिलाओं के हार्मोन सतुलन के लिए एक आवश्यक हार्मोन होता है। महिलाओं में हार्मोन के संतुलन के लिए इसका पाउडर दूध में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। साथ ही, आप एक चम्मच शतावरी 1 कप पानी में उबालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन के पश्चात आप खुद ब खुद महिलाओं के लिए शतावरी के फायदे (Shatavari ke fayde in Hindi) समझ जायेंगे।

५. डायबिटीज में मददगार होता है :
शतावरी में मौजूद गुण महिलाओं और पुरुषों दोनों को होने वाले डायबिटीज के लक्षणों को कम या हमेशा के लिए दूर कर सकता है। खासतौर पर हम देखें तो पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा डायबिटीज की शिकार हैं। National Non-Communicable Disease Monitoring Survey के मुताबिक, मधुमेह की व्यापकता ग्रामीण भारत की तुलना में शहरी भारत में दो गुना अधिक थी और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह अधिक प्रचलित है।

ऐसे में, शतावरी में मौजूद एंटी डायबिटीज गुण मधुमेह को काबू में रखने के लिए काफी कारगर साबित हो सकता है।  इसके साथ ही, यह महिलाओं के शरीर में इन्सुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद कर सकती है जिससे ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह ग्लूकोज के अवशोषण को कम करने में भी मदद कर सकती है। इस तरह महिलाओं और पुरुषों दोनों में डायबिटीज यानि मधुमेह को कंट्रोल किया जा सकता है। 

६. बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा दिला सकता है :
शतावरी बाल झड़ने से परेशान महिलाओं के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मुक्त कणों से लड़ते हैं जो बालों के रोम को नुकसान पहुंचाते हैं और बाल झड़ने के प्रमुख कारक होते हैं। ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण फ्री रेडिकल्स से लड़कर आपके बालों की रक्षा करता है। इसके अलावा जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, इसमें एंटी एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करते हैं जिससे बाल झड़ना भी बंद हो सकता है। इसके लिए आप सीधे Shatavari Ghrita उपयोग में ला सकती हैं।

बाल झड़ने का एक प्रमुख कारण सिर की त्वचा में सही ढंग से ब्लड सर्कुलेशन का न होना भी होता है। शतावरी खोपड़ी में रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करती है जो बालों के रोमों को आवश्यक पोषक तत्व पहुंचाकर बालों के विकास को बढ़ावा दे सकती है। ऐसे में अगर आप आपने बालों का झड़ना रोकना चाहते हैं तो इसके पाउडर को नारियल या बादाम के तेल में मिलाकर कम से कम दो सप्ताह के लिए रख दें। इसके पश्चात, इस मिश्रण से रोजाना अपने सिर की त्वचा को मसाज करें। यह बालों के लिए कैसे उपयोग करें।

७. माहवारी के दौरान लाभकारी होता है :
Periods यानि माहवारी ज्यादातर महिलाओं के लिए काफी परेशानी भरा होता है। इस दौरान महिलाओं के पूरे शरीर में दर्द, पेट में जकड़न, ऐंठन आदि समस्याएं होती हैं। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए शतावरी के लाभ आप प्राप्त कर सकती हैं। इसमें कुछ ऐसे गुण मौजूद होते हैं जिससे माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं से कुछ हद तक राहत प्राप्त हो सकती है। 

साथ ही, माहवारी के दौरान कई महिलाओं को शारीरिक कमजोरी भी हो जाती है। इस परिस्थिति में भी शतावरी बड़े काम की चीज है। यह महिलाओं में पीरियड्स के दौरान या इसके बाद होने वाली कमजोरी को दूर करने में सहायक साबित हो सकती है। साथ ही यह मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में भी मदद कर सकती है। 

८. रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करती है :
रजोनिवृत्ति यानि Menopause एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो महिलाओं में आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की आयु के बीच होता है। इस दौरान उनकी Ovary एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन नामक हार्मोन का उत्पादन बंद कर देती है जिससे धीरे धीरे मासिक धर्म अनियमित होते जाते हैं और फिर बंद हो जाते हैं। इसके लक्षणों में गर्म चमक, रात में पसीना आना, योनि सूखापन, मूड स्विंग और नींद आने में समस्याएं आदि शामिल हैं। 

लेकिन इस परिस्थिति में भी शतावरी बड़े काम की चीज है। इसमें ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। जैसे कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं जो menopause के दौरान बीमारियों का कारण बन सकते हैं। साथ ही, इसमें एस्ट्रोजन के समान संरचना वाली फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं जो योनि के ऊतकों को पोषण देते हैं और उन्हें नम रखते हैं।

९. तनाव में कमी करता है :
आयुर्वेद का मानना है कि शतावरी के फायदे सिर्फ बाह्य शरीर तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य की भी बेहतर करने में मदद कर सकता है। दरअसल, शतावरी में adaptogenic गुण मौजूद होते हैं जो शरीर को सामान्य स्थिति में रखने में मदद करते हैं। तनाव का एक बड़ा कारण हार्मोन का असंतुलित होना होता है, शतावरी हार्मोन को संतुलित करता है।

इसके पश्चात, यह Cortisol को कम करने में भी मदद करता है। Cortisol स्ट्रेस हार्मोन है और इसकी अधिक मात्रा में उत्पादन स्ट्रेस का कारण होता है। अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है तो भी आप तनाव के शिकार हो सकते हैं, ऐसे में शतावरी का सेवन नींद से संबंधित दिक्कतें भी दूर करता है।

१०. गर्मी से लड़ता है और शीतलता बनाए रखता है :
गर्मियों के मौसम में शतावरी का सेवन आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल यह गर्मी से लड़ता है और शरीर को शीतल रखता है। शतावरी को त्रिदोष शामक माना जाता है यानी यह वात, पित्त, कफ को संतुलित करता है जिससे शरीर ठंडा और संतुलित होता है। आयुर्वेद कहता है कि अगर आपके शरीर में गर्मी ज्यादा है और पित्त दोष खराब है तो कई परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। 

साथ ही वात दोष के बढ़ने से भी शरीर में ढेरों समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप शतावरी का नियमित और उचित सेवन करते हैं तो यह इन दोषों को शांत करने में मदद करता है। साथ ही इसमें मौजूद तत्व शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।

११. गर्मियों में त्वचा की देखभाल करता है :
गर्मियों में त्वचा का रूखा और खराब होना आम बात है। इस मौसम में त्वचा की बनावट और रंगत दोनों खराब हो जाती है। खासतौर पर त्वचा को सूरज की किरणों से बचाना मुश्किल हो जाता है जिसकी वजह से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। इस परिस्थिति में शतावरी बड़े काम की चीज है। जहां इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गुण त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाते हैं तो वहीं इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मुंहासे और एक्जिमा से रक्षा करता है।

इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से भी शरीर की रक्षा करते हैं। उम्र बढ़ने पर त्वचा की रंगत और बनावट दोनों खराब होने लगती है और ऐसे में इससे बचना चाहते हैं तो आप शतावरी का सेवन कर सकती हैं। यह पुरुषों के लिए भी उतना ही फायदेमंद है जितना कि महिलाओं के लिए। इसका फेस मास्क बनाकर चेहरे पर लगाने से चेहरा हमेशा जवान और चमकदार लगेगा।

शतावरी का सेवन कैसे करें .? 
शतावरी का सेवन करना बड़ा ही आसान है। हालांकि इससे पहले आपको एक बार किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए। शतावरी का सेवन निम्नलिखित तरीकों से आप कर सकते हैं: 

१. शतावरी की चाय
आप शतावरी की चाय बनाकर उसे पी सकते हैं। इसके लिए 1 चम्मच शतावरी के पाउडर को 1 कप पानी में मिलाकर उबाल लें। इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा दिन में 2 बार इसका सेवन आप कर सकते हैं।

२. शतावरी का पाउडर 
शतावरी का पाउडर भी आप आसानी से उपयोग में ला सकते हैं। हालांकि, उसका सीधे सेवन करने के बजाय उसे दूध, दही या पानी में मिलाएं। इसके बाद रोज सुबह शाम एक चम्मच इसका सेवन करें और फायदे देखें।

३. शतावरी का कैप्सूल
आजकल आसानी से मार्केट में आपको इसका कैप्सूल मिल जायेगा जिसका सेवन आप कर सकते हैं। हालांकि हम आपको सुझाव देते हैं कि हमेशा अच्छे और प्रतिष्ठित ब्रांड से ही इसके कैप्सूल की खरीद करें।

सामान्य दिशानिर्देश: आमतौर पर, प्रतिदिन 500mg से 1000mg परामर्श: वैयक्तिकृत खुराक के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना उचित।

शतावरी का सेवन कितनी मात्रा में करें .? 
शतावरी का सेवन आपको दिन में दो बार से अधिक नहीं करना चाहिए। साथ ही इसका सेवन आपको हमेशा चबाकर ही करना चाहिए। अगर आप इसका सेवन भोजन के साथ या उसके बाद करते हैं तो आपको ज्यादा फायदे प्राप्त होंगे।

जहां शतावरी के ढेरों फायदे हैं तो वहीं इसका अनियमित और जरूरत से ज्यादा उपयोग शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसके सेवन से कुछ संभावित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जैसे पेट में ऐंठन, दस्त, सिरदर्द आदि। यदि आप इसके सेवन से किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट या दुष्प्रभाव का अनुभव करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष
शतावरी को सदियों से आयुर्वेद चिकित्सा में इस्तेमाल किया जाता रहा है। , शतावरी फायदेमंद महिलाओं के लिए है तो वहीं यह पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है। पुरुषों में भी यह यौन स्वास्थ्य को बेहतर करता है और इसका सेवन अन्य आयुर्वेदिक औषधि जैसे शिलाजीत, सफेद मुसली आदि के साथ करने का सुझाव दिया जाता है। हालांकि अगर आप इसका उपयोग करना चाहती हैं तो सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें। खासतौर पर अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं तो बिना डॉक्टर के परामर्श के इसका सेवन बिलकुल भी न करें, यह हानिकारक हो सकता है।

( अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न )

१. महिलाओं के लिए शतावरी का सेवन क्यों आवश्यक है .?
शतावरी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी वायरल गुण पाए जाते हैं। ये गुण महिलाओं के लिए फायदेमंद होते हैं। शतावरी का सेवन महिलाओं के प्रजनन क्षमता को बेहतर करता है, मेनोपॉज के लक्षण को कम करता है और साथ ही उनकी यौन क्षमता बढ़ाता है। साथ ही यह स्तनों में दूध को भी बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में अगर आप शतावरी के फायदे प्राप्त करना चाहती हैं तो इसका सेवन अवश्य करें।

२. महिलाओं को शतावरी चूर्ण कैसे लेना चाहिए .?
महिलाओं को शतावरी चूर्ण दूध, दही या पानी के साथ मिलाकर लेना चाहिए। आप दिन में अधिकतम दो बार इसका सेवन कर सकती हैं। सुबह शाम 1 चम्मच इसका सेवन करने से महिलाओं को कई फायदे पहुंचते हैं।

३. शतावरी का असर कितने दिन में होता है .?
शतावरी एक आयुर्वेदिक औषधि है इसलिए इसका तुरंत असर देखने को नहीं मिलेगा। अगर आप इसका सकारात्मक असर देखना चाहते हैं तो कम से कम 2 महीनों तक लगातार इसका सेवन डॉक्टर की परामर्श के बाद करें।

४. मासिक धर्म के दौरान शतावरी का सेवन कैसे करें .?
मासिक धर्म के दौरान महिलाएं इसका चाय या पाउडर इस्तेमाल कर सकती हैं। इसका सेवन आप दूध, दही या पानी में मिलाकर कर सकती हैं तो वहीं चाय बनाने के लिए एक कप पानी में इसे मिलाकर उबाल लें फिर छानकर इसे पी सकती हैं।

५. शतावरी के फायदे पुरुषों के लिए क्या हैं .?
महिलाओं के साथ साथ पुरुषों के लिए भी शतावरी काफी फायदेमंद है। शतावरी के फायदे पुरुषों के लिए हैं: प्रजनन क्षमता में सुधार, सेक्स परफॉर्मेंस में वृद्धि, मांशपेशियों में वृद्धि, हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा और इम्यूनिटी का मजबूत बनना।